पंड्या और राहुल के मामले में गांगुली ने क्या कहा
टॉक शो कॉफ़ी विद करन में ऑलराउंडर क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की विवादित टिप्पणियों के बारे में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि ग़लतियां हो जाती हैं जिन्हें दोहराने से बचना चाहिए.
इस पूरे मामले में आप क्या सोचते हैं, जब एक संवाददाता ने गांगुली से ये सवाल किया तो उन्होंने कहा, ''लोग ग़लतियां करते हैं, मुझे पूरा भरोसा है जिसने भी ग़लती की है उसे इसका अहसास होगा और वो अच्छा इंसान बनकर निकलेगा, आखिरकार हम सब इंसान हैं. हम मशीन नहीं हैं कि सब कुछ परफेक्ट ही होगा.''
उन्होंने कहा, ''वो रोल मॉडल हैं लेकिन उन पर हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने का प्रेशर रहता है. कुछ बातें हो जाती हैं. आगे बढ़ना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि दोबारा ऐसा नहीं हो.''
विवादित टिप्पणी की वजह से हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की काफी आलोचना हुई है. हालांकि दोनों खिलाड़ी इसके लिए माफ़ी मांग चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद दोनों ही खिलाड़ी निलंबन से नहीं बच सके.
दोनों क्रिकेटर शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शुरू हुई तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में भारतीय टीम का हिस्सा थे. लेकिन अब जांच पूरी होने तक पंड्या और राहुल को निलंबित कर दिया गया है.
टेरीज़ा मे की योजना को 432 सांसदों ने ख़ारिज कर दिया और उन्हें केवल 202 सांसदों का समर्थन मिल सका.
यहां तक कि ख़ुद टेरीज़ा मे की कंज़र्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर इस डील के ख़िलाफ़ वोट दिया.
किसी बिल या मसौदे पर ये किसी भी मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी हार है. लेकिन ये भी सच है कि विपक्षी लेबर पार्टी के तीन सांसदों ने डील का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे की योजना को मिली इस ऐतिहासिक हार के बाद विपक्षी लेबर पार्टी ने सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास मत का प्रस्ताव दिया है.
लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने कहा कि संसद ने जिस तरह से प्रधानमंत्री के ब्रेक्सिट डील को ख़ारिज किया है, उससे साफ़ है कि सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है.
उन्होंने सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास का प्रस्ताव रखा जिस पर बुधवार को बहस होगी.
ब्रेक्सिट डील पर मिली इतनी बड़ी हार के बाद टेरीज़ा मे के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.
लेकिन कई सांसदों और टेरीज़ा मे की सरकार को समर्थन देने वाले दलों ने साफ़ किया है कि उन्होंने इस डील का विरोध किया है, प्रधानमंत्री का नहीं.
मतदान के बाद टेरीज़ा मे ने कहा कि अगर वो विश्वास मत हासिल कर लेती हैं तो वो सोमवार को एक दूसरे मसौदे को संसद में पेश करेंगी.
अगर बुधवार को टेरीज़ा मे सदन का विश्वास हासिल करने में नाकाम रहती हैं तो उन्हें या किसी और को 14 दिनों के अंदर सदन का विश्वास हासिल करने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन अगर कोई सरकार नहीं बन पाती है तो फिर ब्रिटेन में आम चुनाव की घोषणा होगी.
मतदान से पहले टेरीज़ा मे ने अपनी योजना को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया.
उन्होंने संसद में बहुत ही भावुक और आवेशपूर्ण भाषण में कहा कि इस योजना पर मतदान उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण पल है.
इस पूरे मामले में आप क्या सोचते हैं, जब एक संवाददाता ने गांगुली से ये सवाल किया तो उन्होंने कहा, ''लोग ग़लतियां करते हैं, मुझे पूरा भरोसा है जिसने भी ग़लती की है उसे इसका अहसास होगा और वो अच्छा इंसान बनकर निकलेगा, आखिरकार हम सब इंसान हैं. हम मशीन नहीं हैं कि सब कुछ परफेक्ट ही होगा.''
उन्होंने कहा, ''वो रोल मॉडल हैं लेकिन उन पर हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने का प्रेशर रहता है. कुछ बातें हो जाती हैं. आगे बढ़ना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि दोबारा ऐसा नहीं हो.''
विवादित टिप्पणी की वजह से हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की काफी आलोचना हुई है. हालांकि दोनों खिलाड़ी इसके लिए माफ़ी मांग चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद दोनों ही खिलाड़ी निलंबन से नहीं बच सके.
दोनों क्रिकेटर शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शुरू हुई तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में भारतीय टीम का हिस्सा थे. लेकिन अब जांच पूरी होने तक पंड्या और राहुल को निलंबित कर दिया गया है.
टेरीज़ा मे की योजना को 432 सांसदों ने ख़ारिज कर दिया और उन्हें केवल 202 सांसदों का समर्थन मिल सका.
यहां तक कि ख़ुद टेरीज़ा मे की कंज़र्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर इस डील के ख़िलाफ़ वोट दिया.
किसी बिल या मसौदे पर ये किसी भी मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी हार है. लेकिन ये भी सच है कि विपक्षी लेबर पार्टी के तीन सांसदों ने डील का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे की योजना को मिली इस ऐतिहासिक हार के बाद विपक्षी लेबर पार्टी ने सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास मत का प्रस्ताव दिया है.
लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने कहा कि संसद ने जिस तरह से प्रधानमंत्री के ब्रेक्सिट डील को ख़ारिज किया है, उससे साफ़ है कि सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है.
उन्होंने सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास का प्रस्ताव रखा जिस पर बुधवार को बहस होगी.
ब्रेक्सिट डील पर मिली इतनी बड़ी हार के बाद टेरीज़ा मे के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.
लेकिन कई सांसदों और टेरीज़ा मे की सरकार को समर्थन देने वाले दलों ने साफ़ किया है कि उन्होंने इस डील का विरोध किया है, प्रधानमंत्री का नहीं.
मतदान के बाद टेरीज़ा मे ने कहा कि अगर वो विश्वास मत हासिल कर लेती हैं तो वो सोमवार को एक दूसरे मसौदे को संसद में पेश करेंगी.
अगर बुधवार को टेरीज़ा मे सदन का विश्वास हासिल करने में नाकाम रहती हैं तो उन्हें या किसी और को 14 दिनों के अंदर सदन का विश्वास हासिल करने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन अगर कोई सरकार नहीं बन पाती है तो फिर ब्रिटेन में आम चुनाव की घोषणा होगी.
मतदान से पहले टेरीज़ा मे ने अपनी योजना को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया.
उन्होंने संसद में बहुत ही भावुक और आवेशपूर्ण भाषण में कहा कि इस योजना पर मतदान उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण पल है.
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