अयोध्या विवाद: रामलला के लिए अब क्या कदम उठाएगी भाजपा?
अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तीन महीने के लिए टल गई है. चीफ जस्टिस ने साफ कर दिया है कि इस मामले पर जल्द कोई सुनवाई नहीं होगी. यानी देश चुनाव की दहलीज पर होगा और अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई का काम आगे बढ़ाएगा. चुनाव के लिए राजनीतिक दलों में गर्माहट पहले ही महसूस की जा रही है. 2019 चुनाव से पहले मोदी सरकार पर घर के अंदर से भी चौतरफा दबाव बनता जा रहा है कि वो राम मंदिर के निर्माण के लिए सदन में क़ानून लाए और अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करे. खुद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयदशमी कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा था कि राम मंदिर के लिए कानून बनाना चाहिए. ये सीधे तौर पर इशारा था कि संघ और भाजपा के समर्थकों और राम के प्रति आस्था रखने वालों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार को सदन में राम मंदिर के लिए क़ानून लाना चाहिए. मोदी सरकार पर मंदिर निर्माण के लिए दबाव कम नहीं है. ज़मीन पर कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को जवाब देने से लेकर खुद को मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध दिखाना भाजपा के लिए ज़रूरी होता जा ...